ज्वालामुखी
आखिर क्या है ज्वालामुखी ?
ज्वालामुखी एक पहाड़ के समान दिखाई देता है जिसके नीचे पिघले हुए लावे का भंडार होता है, जब पृथ्वी के नीचे ऊर्जा या जिओथर्मल एनर्जी से पत्थर पिघलते है, तब जमीन के नीचे की ओर से ऊपर की ओर दबाव बढ़ता है, और यह ऊपर से फटता। है। इसे ज्वालामुखी कहते है।
ज्वालामुखी के नीचे पिघले हुए पत्थर और गैसों को मैग्मा कहते है और ज्वालामुखी फटने के बाद जब ये मैग्मा निकलता है तब उसे लावा कहते है।
क्या होता है ज्वालामुखी में ?
ज्वालामुखी के फटने के कारण बड़ी मात्रा में गैस और पत्थर ऊपर की और निकलते है। इस कारण से जहा ज्वालामुखी के फटने से लावा निकलता है वही गर्म गैसे और राख हवा में मिल जाती है।
ज्वालामुखी से निकलने वाली राख में छोटे छोटे पत्थर के कण होते है जो कांच की तरह होते है और इनसे बहुत अधिक चोट पहुंच सकती है।
भारत में ज्वालामुखी :
भारत में सिर्फ एक ही सक्रिय ज्वालामुखी है , जो बैरन द्वीप अंडमान निकोबार द्वीप समूह के समीप स्थित है बैरन द्वीप लगभग 3 किलोमीटर में फैला है।
रोचक तथ्य :
मंगल गृह पर ओलम्पस मॉन्स सौर मंडल में सबसे बड़ा जव्वालामुखी है।




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