क्या है शीतनिद्रा या हाइबरनेशन ?
इसे सुप्तावस्था भी कहते है। कुछ जीव सर्दी के समय जमीन के नीचे ऐसी जगह छुपते है जहां उन्हें सर्दी का असर न हो, और वे पूरी सर्दी के मौसम में सो सके इसे ही शीतनिद्रा कहते है।
कुछ जीवो की खास होती है शीतनिद्रा जैसे :
बॉक्स टर्टल
यह मुखयतः अमेरिका और उसके आस पास के इलाको में पाया जाता है। ये सर्दियों के दिनों में करीब 3 से 5 महीनो तक के लिए सो सकते है, इस मौसम में इनके सांस लेने की गति और दिल की धड़कन की गति कम हो जाती है।
हेज्हॉग्स
ये लम्बे समय तक शीतनिद्रा में रह सकते है इनके शरीर में कुछ खास सेल्स होती है जो सोते समय इनके शरीर को गर्म रखती है।
चमगादड़
चमगादड़ लगभग 345 दिनों तक शीतनिद्रा में रह सकते है इस दौरान इसे भोजन की बिलकुल भी आवश्यकता नहीं पड़ती।
गार्टर स्नेक
सांप की यह प्रजाति ग्रुप में हाइबरनेशन करती है। ऐसा कहा जाता है की यह हजारो की संख्या में साथ में शीतनिद्रा में जाते है और सर्दिया खत्म होने पर पुनः वापस आ जाते है।
भालू
भालू की हाइबरनेशन के बारे में तो ज़्यदातर सभी जानते ही है। यह जानवर सर्दियों के समय में जमीन खोदकर या खोखले पेड़ो में या गुफाओ में सोकर अपनी सर्दिया व्यतीत करते है, काले भालू सर्दियों के दौरान लगभग 60 दिनों तक बिना कुछ खाय सो सकते है।
घोंघा
यह अपने प्रकृति द्वारा प्रदान किये गए घर अर्थात अपने खोल में चला जाता है , शीतनिद्रा के दौरान ये अपने खोल का मुँह बंद कर लेते है एवं बिलकुल भी ऊर्जा का उपयोग नहीं करते जिससे इन्हे भोजन की आवशयकता भी नही होती।






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