कॉमेट | धूमकेतु | पुच्छल तारा
- सोलर सिस्टम में पाए जाने वाले ऐसे पार्टिकल्स जो पत्थर, धूल, बर्फ और गैस आदि से बने है धूमकेतु { COMET } या पुच्छल तारे कहलाते है।
- Comet ग्रीक शब्द KOMET से बना है जिसका अर्थ Hairy One यानी बालो वाला। ये इसी तरह दिखाई देते है, इसीलिए इसका Comet पड़ा।
- कॉमेट अन्य ग्रहो के समान ही सूर्य के चारो और चक्कर लगते है।
- Halley`s Comet { हैली का धूमकेतु } सबसे फेमस Comet हैं।
- धूमकेतु बर्फ, CO2, मीथेन, अमोनिया तथा सिलिकेट और कार्बनिक पदार्थो के मिक्सचर से बने होते है।
- यह केवल तभी दिखाई देता है , जब वह सूर्य की और बढ़ता जाता है, क्योकि सूर्य की किरणे इसमें पाय वाले पार्टिकल्स को चमकीला बना देती है।
- MASS द्रव्यमान कम होने के करण और अपने गुरुत्व केंद्र के कारण धूमकेतु गोल नहीं होते है इसीलिए इसका आकर निश्चित नहीं होता है।
- धूमकेतु के केंद्र को नाभिक कहा जाता है , जो पत्थर , कार्बन मोनो ऑक्साइड , CO2 , CH4 , बर्फ का बना होता है।
- Comet ज्यादातर बाहरी सोलर सिस्टम में पाय जाते है। जब ये सौरमंडल में प्रवेश करते है तो गिरते हुए धूमकेतु से बड़ी मात्रा में निकलने वाली धूल और गैस धूमकेतु के चारो और बहुत कमजोर एटमोस्फेयर बनती है जिसे " कोमा " कहते है।
- जब धूमकेतु तेज़ी से नीचे गिरता है तो गिरते समय उसमे से एक चमकदार रोशनी निकलती है। रोशनी की इस चमकदार लाइन को ही पूंछ कहा जाता है और इसीकारण इसे " पुच्छलतारा " भी कहते है।

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